Jo mutmain hai tujhko aziyat me dalkar

जो मुत्मइन है तुझको अज़ीयत में डालकर

जो मुत्मइन है तुझको अज़ीयत में डालकर
वो शख्स तेरा है ही नहीं मत मलाल कर

खुश हो रहा है तुझपे जो कीचड़ उछाल कर
कब तक रखेगा अपना गिरेबाँ संभाल कर

- इल्म हाशमी -


कठिन शब्दों के अर्थ

  • मुत्मइन: संतुष्ट, जिसे इत्मीनान हो
  • अज़ीयत: तकलीफ़, पीड़ा, मानसिक कष्ट
  • मलाल: अफ़सोस, दुःख, रंज
  • गिरेबाँ: कमीज़ का कॉलर (यहाँ तात्पर्य: अपना दामन या अपना चरित्र)
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